मुझे खबर थी वो मेरा नहीं पराया था..
पर धडकनों ने उसीको खुदा बनाया था
मैं ख्वाब ख्वाब जिसे ढूंढता फिरा बरसों
वो अश्क अश्क मेरी आँख में समाया था
तेरा कसूर नहीं जान मेरी तन्हाई
ये रोग मैंने ही खुद जान को लगाया था
तमाम शहर में एक वोह है अजनबी मुझसे
की जिसने गीत मेरा शहर को सुनाया था
And here is one of my favourite song...
हाँ जुदाई से डरता है दिल..
हाँ जुदाई से डरता है दिल..
मौत से तो मैं ... डरती नहीं
और डरता तो सुन ले सनम
प्यार तुझे मैं करती नहीं
एक अरमान इस पार है
एक अरमान उस पार है..
हमने खुद ही बनायीं थीं जो
रास्ते में वो दीवार है!!
एक ख़ुशी दिल ने क्या मांग ली!!
.. हर ख़ुशी को नज़र लग गयी !!
ज़िन्दगी जब करीब आई तो
ज़िन्दगी को नज़र लग गयी..
अब तमन्ना हो दिल में कोई
अब तमन्ना हो दिल में कोईई...
मैं तमन्ना भी करती नहीं
और डरती तो सुन ले सनम..
प्यार तुझसे में करती नहीं!!
हाँ जुदाई से डरता है दिल !!!!

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