Wednesday, October 5, 2011

October 5 !!!

It's my birthday!! :)
And m not with my Mom!!! ... I miss her...
Mom n Me....

I miss someone to whom I can say "Hey U, listen, U r mine!!" :P
It's Kate Winslet's Birthday too... and I wish I also get to know about my Jack Dowson soon.. :P :)

Thursday, August 11, 2011

Tired..

I always wanted to do something unique...
But now m getting so tired of my own self.. my own nature..
Wish I could go back to the my childhood and make a new start!!



I’m on the floor
Counting one minute more
Noone to break the silence

Staring into the night
All alone but that’s alright
It’s the feeling deep inside I don’t like

There is no excuse my friend
For breaking my heart
Breaking my heart again
This is where our journey ends
Your breaking my heart again

Here in my bed
Counting the words you’ve said
They linger in the shadows

Coming home late at night
Drunk again but that’s alright
It’s the look in your eyes I don’t like

There is no excuse my friend
For breaking my heart
Breaking my heart again...
-(Michael Learns to Rock) 

Sunday, July 3, 2011

Just Listened this song while surfing thru you tube.. Loved it.



मुझे खबर थी वो मेरा नहीं पराया था..
पर धडकनों ने उसीको खुदा बनाया था 

मैं ख्वाब ख्वाब जिसे ढूंढता फिरा बरसों 
वो अश्क अश्क मेरी आँख में समाया था 

तेरा कसूर नहीं जान मेरी तन्हाई 
ये रोग मैंने ही खुद जान को लगाया था

तमाम शहर में एक वोह है अजनबी मुझसे
की जिसने गीत मेरा शहर को सुनाया था 

And here is one of my favourite song...

हाँ जुदाई से डरता है दिल..
हाँ जुदाई से डरता है दिल..
मौत से तो मैं  ...  डरती  नहीं 
और डरता तो सुन ले सनम 
प्यार तुझे मैं करती नहीं 

एक अरमान इस पार है 
एक अरमान उस पार है..
हमने खुद ही बनायीं थीं जो
रास्ते में वो दीवार है!!
 एक ख़ुशी दिल ने क्या मांग ली!!
.. हर ख़ुशी को नज़र लग गयी !!
ज़िन्दगी जब करीब आई तो
ज़िन्दगी को नज़र लग गयी.. 

अब तमन्ना हो दिल में कोई
अब तमन्ना हो दिल में कोईई... 
मैं तमन्ना भी करती नहीं 
और डरती तो सुन ले सनम..
प्यार तुझसे में करती नहीं!!

हाँ जुदाई से डरता है दिल !!!!


Friday, April 15, 2011

Saaath......

मुस्कुराने को लम्हें कम नहीं हैं ..
पर साथ कोई मुस्कुराए तो बात कुछ और हो..

सफ़र लम्बा है, इस बात से कभी शिकायत नहीं रही ..
हाँ, साथ कोई चले तो बात कुछ और हो.....

Monday, February 28, 2011

Kaanch Ke Yaar...

कांच के टुकड़ों में झांकता एक चेहरा है
जो खुद को देख के मुस्कुराता है 
मैंने पूछा है कई बार क्यों कांच तोड़ते हो
देखने को तो शीशा भी काफी होता  है
हर बार बड़ी शीतलता से मुझे 
नादान समझ बस मुस्कुरा देता है...

आज फिर टूटा एक कांच कहीं
मुझे याद अचानक उस चेहरे की आयी
और आज झांक के मैंने भी टुकड़ो में खुद को देखा है 
एक नहीं अनगिनत चेहरे दिखे!!
कहाँ शीशे में खुद का एक चेहरा देखते हैं हम..
टुकड़ो में देखो लगेगा अकेले नहीं कई चेहरों में हैं हम..

 कांच तोड़ने का यह बहाना अच्छा है
वो टूट के कहाँ फिर जुड़ता है .....
काम भी हो तसल्ली भी हो..
और कहाँ यह आराम मिलता है..
पर याद रखना देखते देखते छू न देना उन टुकड़ो को
वो "कांच" है.. बड़ी तेज़ चुभता है!!!! 


Yaar Jo Fir Yaad Aaya......

इक अरसे से भूला हुआ था दिल ने जिसे
यार वो फिर याद आया!!

पानी जो छलका आँखों से ..  उन्हें पीने वाला.. 
..यार वो फिर याद आया!!

वो एक ही था जिसपे बेबाकी से किया था भरोसा
तोड़ने वाला मुझे.. यार वो फिर याद आया!

इक अरसा हुआ था जिसे भूले हुए .. आज..
यार वो फिर याद आया!!!!!